हनुमान जी की आरती | Hanuman Ji Ki Aarti Bhajanras

हनुमान जी की आरती | Hanuman Ji Ki Aarti Bhajanras

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हनुमान जी की आरती कब और कैसे करें-Hanuman Ji Ki Aarti Kab Aur Kese kre

Hanuman Ji Ki Aarti-हनुमान जी की आरती का महत्व हिन्दू धर्म में सबसे जयादा गायी जाने वाली आरतियो में से एक है बहुत अधिक है। यह आरती हनुमान जी की पूजा के दौरान की जाती है और इसका गान करने से हनुमान जी खुश होते है और उनकी कृपा भक्तो पे बानी रहती है ये आरती श्रद्धा और भक्ति भाव से करते है । इस आरती को सभी हनुमान जी के भक्तों द्वारा बहुत श्रद्धा से किया जाता है।

इस आरती को करने के लिए कुछ विशेष तरीके होते हैं। आमतौर पर, इस आरती को सुबह, दोपहर या शाम के समय पढ़ा जाता है। इसके अलावा, इस आरती को हनुमान जी की पूजा के अवसर पर भी पढ़ा जाता है जैसे कि हनुमान जयंती, राम नवमी आदि। इस आरती को करते समय मन में हनुमान जी का स्मरण करते रहे ।
आरती करने से पहले हनुमान जी को स्न्नान करा के सिंदूर चढ़ा के फिर एक थाली लें और उसमें दीपक, धूप, अक्षत, फूल आदि रखें। फिर आरती के लिए अपने दोनों हाथ जोड़ें और आरती के लिए खड़े हो जाएँ और श्रद्धा अनुसार भोग लगा के भोग में आप (गुड़ चना, लड्डू नारियल , या चूरमा ) ले सकते हो

हनुमान जी की आरती-Hanuman Ji Ki Aarti

आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।।
जाके बल से गिरिवर कांपे। रोग दोष जाके निकट न झांके।।

अंजनि पुत्र महाबलदायी। संतान के प्रभु सदा सहाई।
दे बीरा रघुनाथ पठाए। लंका जारी सिया सुध लाए।

लंका सो कोट समुद्र सी खाई। जात पवनसुत बार न लाई।
लंका जारी असुर संहारे। सियारामजी के काज संवारे।

लक्ष्मण मूर्छित पड़े सकारे। आणि संजीवन प्राण उबारे।
पैठी पताल तोरि जमकारे। अहिरावण की भुजा उखाड़े।

बाएं भुजा असुर दल मारे। दाहिने भुजा संतजन तारे।
सुर-नर-मुनि जन आरती उतारे। जै जै जै हनुमान उचारे।

कंचन थार कपूर लौ छाई। आरती करत अंजना माई।
लंकविध्वंस कीन्ह रघुराई। तुलसीदास प्रभु कीरति गाई।

जो हनुमानजी की आरती गावै। बसी बैकुंठ परमपद पावै।
आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।

 

 

 

Hanuman Bhajan: Aarti Kije Hanuman Lala Ki
Album: Shree Hanuman Chalisa – Hanuman Ashtak
Singer: Hariharan
Music Director: Lalit Sen, Chander
Lyricist: Traditional
Music Label: T-Series

हनुमान जी आरती को करने से आपको शांति, सुख, समृद्धि और सफलता मिलती है। इससे आपका मन शुद्ध होता है और आपके जीवन में सकारात्मकता आती है।

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